अमेरिका का बड़ा फैसला: एडवांस्ड AI मॉडल्स पर विदेशी यूजर्स के एक्सेस पर लगा बैन

अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है और गैर अमेरिकियों के लिए पावरफुल AI मॉडल के एक्सेस को बैन कर दिया है. यह नियम एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 पर लागू होगा. अमेरिका ने एंथ्रोपिक के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल के निर्देश दिए हैं, जो इन मॉडल्स पर लागू होंगे.

दरअसल, अमेरिकी सरकार के एक विभाग ने पावरफुल एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 के ग्लोबल एक्सेस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसकी जानकारी शनिवार को मिली. यह बैन अमेरिका के बाहर के सभी यूजर्स, जिसमें एंथ्रोपिक के विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं.

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, इन मॉडल्स में कुछ ऐसी खामियां हैं, जिनका इस्तेमाल करके हैकर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और बड़े साइबर हमलों से बच सकते हैं. हैकर्स के हाथ में यह तकनीक पहुंचती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है.

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भारत और दुनिया के लिए नुकसान
एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स पर बैन लगाने के बाद दुनिया के कई देशों को कुछ नुकसान और कई फायदे भी होंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.

एडवांस्ड AI टूल का एक्सेस नहीं
एंथ्रोपिक का Claude Fable 5 एक पावरफुल AI मॉडल है. इसका इस्तेमाल कोडिंग, ऑटोनॉमस रिसर्च और कई बड़े-बड़े लॉजिकल टास्क को कंप्लीट किया जाता है. बैन होने की वजह से बहुत सी कंपनियों और स्टार्टअप आदि को नुकसान होगा.

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अमेरिकी कंपनियों को एकतरफा फायदा
एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स का एक्सेस अमेरिकी नागरिकों और वहां की कंपनियों को मिलेगा,जिससे उन कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर एक तरफा फायदा देखने को मिलेगा. इनोवेशन से लेकर प्रोडक्टिविटी के मामले में अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा.

अमेरिका की बड़ी स्ट्रैटजी का हिस्सा
अमेरिका का यह कदम बताता है कि वह अब एडवांस्ड एआई मॉडल्स को सिर्फ एक कमर्शियल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप मानने लगा है. इसकी वजह से विकसित देशों और ग्लोबल साउथ के बीच तकनीकी खाई और गहरी हो सकती है.

लोकल टेक इकोसिस्टम में बढ़ेगी इनवेस्टमेंट
AI मॉडल पर बैन होने के बाद दुनिया के कई देशों में एक मजबूत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेज होगी. भारत इस दिशा में लंबे समय से काम कर रहा है और अन्य देशों को भी इस दिशा में काम करना शुरू करना पड़ेगा.

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साइबर सुरक्षा से होगा बचाव
अमेरिका खुद एंथ्रोपिक के इन दोनों मॉडल्स को साइबर हमलों के लिए खतरा मानता है क्योंकि ये जरूरी सॉफ्टवेयर की खामियों का पता लगाते हैं. यूं तो कंपनी का दावा है कि इससे खामियां दूर होंगी, लेकिन साइबर स्कैमर्स इन खामियों की मदद से बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं.

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